विश्व हिन्दी दिवस / इंटरप्रेटर और ट्रांसलेटर के कॅरिअर में 2024 तक होगी 29 प्रतिशत की ग्रोथ

एजुकेशन डेस्क. 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी को विश्वभर में प्रचारित करने के उद्देश्य से पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में मनाया गया था। इन 45 सालों में हिंदी ने पूरी दुनिया में एक नया मुकाम हासिल किया है। मंदारिन चाइनीज और इंग्लिश लैंग्वेज के बाद हिंदी तीसरे स्थान पर दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है। दुनिया में लगभग 54.4 करोड़ से अधिक लोग हिंदी भाषा बोलते, लिखते और समझते हैं। नए बाजार और हिंदी के इस फैलाव ने इसे अच्छे कॅरिअर के रूप में भी स्थापित किया है। हिंदी पढ़ने, समझने और इसी क्षेत्र में कॅरिअर बनाने वालों के लिए बाजार लगातार डेवलप हो रहा है।



यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिक्स के आंकड़ों के अनुसार इंटरप्रेटर और ट्रांस्लेटर के कॅरिअर में 2024 तक लगभग 29 प्रतिशत की ग्रोथ रहेगी। ऐसे ही टेक्निकल राइटर के रूप में यह ग्रोथ तकरीबन 10 प्रतिशत रहने की संभावना है। तय है हिंदी भाषा को कॅरिअर के रूप में अपनाना सफलता की ओर आगे बढ़ना है। भारत के संविधान की 8वीं अनुसूची के आर्टिकल 343 (1) में देवनागरी लिपि में हिंदी को भारत सरकार की सरकारी भाषा के तौर पर मान्यता दी गई है। भारत में राज्य स्तर पर भी हिंदी बिहार, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ की राजकीय भाषा अर्थात कामकाज की भाषा है।


30 लाख शब्दों का तैयार हो रहा टेक्निकल डेटा
लेडी श्रीराम कॉलेज की प्राचार्य सुमन शर्मा के अनुसार हिंदी अब तकनीकी रूप से भी खूब सक्षम हो गई है। हिंदी भाषा में भी तकरीबन सभी तकनीकी शब्दों के अर्थ और परिभाषाएं उपलब्ध हैं। वर्ष 1991 में केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स डिपार्टमेंट के तहत भारतीय भाषाओं का तकनीकी विकास (टीडीआईएल) मिशन शुरू किया गया। इसी तरह, वर्ष 1991 में ही हिंदी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं से तकरीबन 30 लाख प्रचलित शब्दों का एक कोष तैयार करने का महत्वपूर्ण काम आईआईटी, दिल्ली को सौंपा गया। हिंदी भाषा के डिजिटल इस्तेमाल के लिए कई संगठनों ने हिंदी वर्ड प्रोसेसर्स तैयार किए जैसे कि, श्रीलिपि, सुलिपि, अक्षर, एपीएस आदि। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इस समय हिंदी न केवल बोलचाल की बल्कि तकनीकी भाषा भी है। यही कारण है कि इसमें अब गर्व के साथ युवा कॅरिअर बना रहे हैं।


देश दुनिया में ये हैं हिंदी भाषा के कॅरिअर आप्शन्स
भारत सहित दुनिया भर में हिंदी एक्सपर्ट्स के रूप में निम्नलिखित कॅरिअर ऑप्शन्स को चुना जा सकता है।



  • दुभाषिया अथवा अनुवादक- किसी एक सोर्स भाषा से किसी अन्य टारगेट भाषा में समान अर्थों में किसी लेख का अनुवाद करने वाले व्यक्ति को ट्रांसलेटर कहा जाता है। जो व्यक्ति सोर्स भाषा में बोली जाने वाली बातचीत को टारगेट भाषा में समान अर्थों सहित बोलकर अभिव्यक्त करते हैं, उन्हें इंटरप्रेटर या दुभाषिया कहते हैं। एक हिंदी ट्रांसलेटर लगभग 04-06 लाख रुपए सालाना आसानी से कमा लेता है। अनुभव बढ़ने के साथ ही ट्रांसलेटर की आय में भी लगातार बढ़ोतरी होती जाती है।

  • ऑफलाइन या ऑनलाइन कंटेंट राइटर/ टेक्निकल राइटर- इंटरनेट और डिजिटल दौर में ऑफलाइन या ऑनलाइन कंटेंट राइटर/ टेक्निकल राइटर्स की काफी मांग है। हिंदी एक्सपर्ट्स हिंदी भाषा में यह पेशा जॉइन कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रांसलेशन के क्षेत्र में भी शानदार कॅरिअर के अवसर हैं। यहां पर भी आसानी से 2 से 3 लाख रुपए सालाना कमाए जा सकते हैं।

  • एंकर/ न्यूज रीडर/ रिपोर्टर- न्यूज रिपोर्ट्स को टीवी में आकर्षक रूप से पेश करने वालों को एंकर, न्यूज रीडर कहा जाता है। शुरू में फ्रेशर न्यूज एंकर को औसतन 2.5 से 3 लाख रुपए सालाना मिलते हैं। जबकि अनुभव हाेने पर उन्हें यही राशि प्रतिमाह तक मिलने लगती है। भारत में कई एंकर्स को 5 करोड़ रुपए सालाना तक वेतन मिल रहा है।

  • शिक्षक और विदेशों में हिंदी इंस्ट्रक्टर- हिंदी एक्सपर्ट्स के रूप में देश-विदेश में हिंदी भाषा के टीचर, लेक्चरर, प्रोफेसर या इंस्ट्रक्टर की जाॅब जॉइन की जा सकती है। देश-दुनिया में हिंदी एक्सपर्ट्स के लिए एक शानदार कॅरिअर ऑप्शन है। एक स्कूल के हिंदी टीचर को लगभग 04–05 लाख रुपए सालाना मिलते हैं। वहीं कॉलेज के लेक्चरर्स और प्रोफेसर्स 75 हजार रुपए से 1.25 लाख रुपए प्रतिमाह सैलरी पाते हैं।

  • कॉपी राइटर/ कॉपी एडिटर-  हिंदी एक्सपर्ट्स कॉपी एडिटर, काॅपी राइटर या एडवरटाइजमेंट राइटर बनकर काफी बढ़िया कमाई कर सकते हैं। इस क्षेत्र के कारोबार की नींव में इन पेशेवरों का काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है।

  • हिंदी सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट – इनके अलावा हिंदी एक्सपर्ट्स के रूप में भी देश-विदेश में कॅरिअर बनाया जा सकता है। हिंदी सहित विभिन्न सब्जेक्ट एक्सपर्ट के रूप में लगातार मांग बढ़ रही है। ताकि वे अपनी संबंधित वर्क फील्ड में हिंदी से जुड़े सभी इश्यूज को हैंडल कर सकें।

  • हिंदी फ्रीलांसर – वर्तमान में यह एक ऐसा जॉब है, जिसे लोग कॅरिअर के रूप में तेजी से अपना रहे हैं। इसके तहत हिंदी में स्टडी नोट्स तैयार करना, हिंदी ट्रांसलेशन, हिंदी टाइपिंग या हिंदी कंटेंट मैटर तैयार करना शामिल है। फ्रीलांसर्स घर या किसी दफ्तर में अपनी सुविधा के मुताबिक प्रोजेक्ट्स को ऑफलाइन/ ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं। वर्क फील्ड में अनुभव हो जाने के बाद कई जाने-माने फ्रीलांसर्स सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं।


इन संस्थानों से कर सकते हैं हिंदी में डिग्री एवं अन्य कोर्स
हिंदी भाषा में विभिन्न डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स किए जा सकते हैं। इनमें निम्न टॉप संस्थान शामिल हैं।



  • दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली

  • बनारस यूनिवर्सिटी, वाराणसी

  • पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे

  • चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ, उत्तरप्रदेश

  • मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज चेन्नई

  • केरल यूनिवर्सिटी, केरल

  • बैंगलोर यूनिवर्सिटी, कर्नाटक

  • कलकत्ता यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल

  • शिकागो यूनिवर्सिटी, शिकागो, अमेरिका

  • कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले, अमेरिका

  • मिन्नेसोटा यूनिवर्सिटी, अमरीका

  • बोस्टन यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड